तुलसी के 12 अचूक फायदे Benefits of Tulsi in hindi

तुलसी के 12 अचूक फायदे Benefits of Tulsi in hindi

हिन्दू धर्म मे तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता है। अधिकांश घरों में इसे आंगन में या गमलो में लगाया जाता है और इसकी पूजा भी की जाती है। हर प्रकार की तुलसी के अपने अलग-अलग गुण होते है। 
आज हम आपको तुलसी के 12 अचूक फायदे यानि Benefits of Tulsi in hindi के बारे में बताएंगे।

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तुलसी 

तुलसी का पौधा

तुलसी का पौधा 2-3 फुट बड़ा/लंबा होता है। इसके पत्ते अंडाकार व आयताकार होते है। इसके पत्ते थोड़े बड़े होते है व इसके शीर्ष पर इसके बीज होते है। लेकिन आपने शायद एक बात नोटिस की हो, कि इसके पत्ते कुछ समय के लिए ही थोड़े बड़े होते है और कुछ समय पशचात वह छोटे होने लगते है। ताने का रंग भी सूखा/भूरा होने लगता है।

तुलसी के पौधे के प्रकार

तुलसी की निम्न 7 प्रजातियाँ पाई जाती है। जिनके नाम कुछ इस प्रकार है-
काली तुलसी (मामरी)।
मरुआ तुलसी (मुरसा)।
राम तुलसी (अरण्यतुलसी)।
कर्पूर तुलसी।

बाकी 3 को इनके वैज्ञानिक नाम से ही जाना जाता है।

हमारे घरों में पाई जाने वाली तुलसी ऑसीमम सेक्टम नाम की होती है। इसकी भी 2 प्रजातियाँ पाई जाती है जिसे हम हरि तुलसी व काली तुलसी के नाम से भी जानते है। लेकिन इनका असली नाम कुछ और है श्री तुलसी हरे पत्तों वाली और कृष्णा तुलसी काले/बैंगनी पत्तो वाली है। जिसे हम हरी तुलसी व काली तुलसी के नाम से भी जानते है।

श्रेष्ठ तुलसी

इनमे से काली तुलसी (कृष्णा तुलसी) को श्रेष्ठ मन जाता है क्योंकि इसके गुण श्री तुलसी (हरी तुलसी) के मुकाबले थोड़े ज्यादा होते है। लेकिन कुछ विद्वान दोनों को ही श्रेष्ठ मानते है।
इसका प्रयोग एलोपैथी और होमियोपैथी दवाइयों में भी किया जाता है।

तुलसी की तासीर

तुलसी की तासीर गर्म होती है इसलिए इसका सेवन सर्दियों में ही करना चाहिए। आप गर्मियों में भी इसका सेवन कर सकते है। लेकिन गर्मियों में तुलसी का ज्यादा सेवन करने से समस्या उत्पन्न हो सकती है।

चलिये शुरू करते है तुलसी के फायदे 

सांस की दुर्गंध को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तो का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए 4-5 तुलसी के पत्तो को चबाकर खाएं।

चेहरे के कील - मुहांसों और दाग - धब्बो को दूर करने के लिए तुलसी के पत्तो का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। इससे आपका चेहरा साफ व चमकदार होता है।

केंसर के इलाज में भी तुलसी को प्रभावशाली माना जाता है। इसके लिए तुलसी के बीजों का प्रयोग करे।

त्वचा के जलने पर तुलसी के पत्तो को तेल में मिलाकर लगाने से जलन कम होती है।

सर्दियों के समय मे बच्चो को सर्दी व बुखार होने पर तुलसी के पत्ते, मिश्री और काली मिर्च को पानी मे उबालकर काढ़ा बना लें। रात को सोते समय इसका सेवन करें।

खांसी - जुकाम में तुलसी के पत्तो, अदरक और काली मिर्च की चाय बनाकर पीने से फायदा पहुँचता है।

छाती में जमी कफ/बलगम में 1 चम्मच तुलसी के पत्तो का रस पीने से फायदा पहुँचता है।

गुर्दे की पथरी में 6 माह तक तुलसी के पत्तो का काढ़ा बनाकर सेवन करने से पथरी मूत्राशय से बाहर आ जाती है।

त्वचा संबंधी रोग जैसे - दाद, खाज, खुजली में तुलसी का अर्क बनाकर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है।

आंखों में दर्द, पानी बहना आदि में तुलसी फायदेमंद है। इसके लिए तुलसी ड्रॉप को 2 बून्द आंखों में डाले।
पुरुषों में शारीरिक कमजोरी व नपुंसकता को दूर करने में तुलसी फायदा पहुँचाती है।

दिल की बीमारी में फायदा पहुँचता है यह आपके कैस्ट्रोल को नियंत्रित करता है। दिल की बीमारी वाले लोगो को तुलसी का सेवन करना चाहिए।

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